6/12/2015

बस यूँही रहा करो ....

बस यूँही  रहा करो

कुछ तुम कहा करो
 कुछ हमसे सुना करो !

 सुबह का पहला पैगाम
                 भेजा करो
हमारा आदाब भी
          स्वीकार करो !

प्यार करो इकरार करो
मुस्कराहट से वार करो  !

बीमार किया है जो
           इस दिल को
उसका तुम इलाज़ करो  !

हाथों में हाथ लिया करो
साथ हमारा दिया करो  !

नहीं कहती वादे किया करो
किए वादो को तो पूरा करो  !

काम करो ,थोड़ा आराम भी करो
सेहत का भी ध्यान धरा करो  !

सपनों  में तो आते ही हो
कभी यूँही मिलने आया करो  !

लबों  से लब मिल जाने दो
हमें  बाँहों में भरा करो  !

कुछ और नहीं चाहते तुमसे
बस प्यार करो और प्यार करो  !

सिर्फ और सिर्फ मुझसे
इकरार करो और प्यार करो !!

ओ मेरे सनम.……

बस यूँही  रहा करो
 बस मुझे ही प्यार करो  !!

……… वैशाली ..........

12/06/2015
12.30 noon

8 comments:

Sheetal Rathi said...

Superb.... Simple language bt surely touching the heart.... Lked it

Sheetal Rathi said...

Superb.... Simple language bt surely touching the heart.... Lked it

Vaisshali said...

Thanks a lot Pinky (Sheetal Rahi)
दिल को छू जाए, यही कविता की सार्थकता और जीत है!!

Amul Garg said...

प्यार करो इकरार करो
मुस्कराहट से वार करो! Ati sundar! :)

Vaisshali said...

Thanks a lot Amul ji

mandeep sidhu said...

Kya bat

mandeep sidhu said...

Awesome

Vaisshali said...

Thanks Mandeep