7/24/2014

ख्वाइश


फिल्में  देख देखकर , हम भी फिल्मी हो गए ,
कोई दीवाना हमे भी मिलता, सोचने लग गए 

जताता हर तरह से प्यार ,ज़माने की ना करता परवाह 
हमें  छेड़ने वालों को , वो ज़मीन पर ला पटकता 

रोज़ भिजवाता फूल हमे,मिलने की मिन्नतें करता,
तरह तरह के तोहफ़े देकर,हमको हरदम खुश रखता 

फ़ोन को रिचार्ज कराता ,खुद से बातें करने को,
सारा दिन मैसेज भेजता , हमसे चैटिंग करने को 

रात में मिलता Telegram पे , ख़ुफ़िया बातें  करने को 
CD गानो की भिजवाता , हमारी तारीफें करने को ,

काश ! के ऐसे प्यार हमे भी होता  ,हम भी डूब जाते 
काश! के फिल्मे सच होती, ऐसा दीवाना हम भी पाते !!




6 comments:

Puneet Jain 'Chinu' said...

Waaah SRK Ki Deewami... Lolz

Banda Haajir Hai Khidmat Me

Vaisshali said...

Haan woh to hoon hi.........

soch le itni khwaish poori karte karte dumm nikal jayega..

waise- So Sweet of You !!

anuj kumar said...

मन सांसारिक माहोल मैं अपना जीवन जीना चाहता हैं पखो की उड़न भरना चाहता हैं क्युकी उसका भी दिन हैं। ....bahut अच्छाlagi ye कविता आपकी

Vaisshali said...

Thanks Anuj Kumar

Dr. Dhirendra Srivastava said...

खुद से बातें करने को..bahut khoob..Vaisshali..

Vaisshali said...

Thanks Dr Dhirendra ji