6/29/2016

बेवफ़ाई

  

करके बेवफाई भी तू खुश रहे
हर गम हर जुदाई में तू खुश रहे
रब न दे तुझे कोई सज़ा
मेरी मौत के दिन भी तू खुश रहे ....

मेरे आँसू  तेरी मुस्कान बन जाए
कोई मिले और तेरी जान बन जाए
मेरे टूटे ख़्वाबों से तेरी ज़िन्दगी बन जाए
मेरी यादों के निशां न तेरी परछाई बन जाए 
....

मैं तन्हा  ही सही ,
   तेरी ज़िन्दगी मेला बन जाए
मेरा साथ छूटा सही
   तुझे साथ दूजा मिल जाए
मेरे वादे अधूरे सही
  तेरे वादों को पंख मिल जाए
मेरे जख्म नासूर सही
   तेरे जख्मों  को मरहम मिल जाए 
....

तुझसे मिली मुझे बेवफ़ाई  तो क्या ?
मिले न सिला तुझे तेरी बेवफाई का 
....
जा देती हूँ दुआ मैं , तुझे इस जहां में
बे-पनाह मोहब्बत मिल जाए  
....
 
बे-पनाह मोहब्बत मिल जाए  .... !!

वैशाली एस बियाणी 

4 / 8 / 2016
14 . 0 1 

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