6/11/2015

तुम जीते मैं हार गई

अचानक हम यूँ टकराये
तुमने दिल के हाल बताये
मुझमें खोया प्यार जगाया
दिल से दिल हमने मिलाया !!

चढ़ने लगी फिर ख़ुमारी
दीवानगी ने हदें पारी
सपने आने लगे तुम्हारे
दिन-रात हमने तुमपर वारे !!

इश्क़ का रोग लगा बैठे
दिल की बात कहें कैसे
दिन दिन न रहा रात रात न रही
नयी दुनिया हो बसाई जैसे !!

तुम्हारे थे अलग मंसूबे
लागे मुझको जैसे अजूबे
पूरी न हुई चाहत तुम्हारी
उतरने लगी तुम्हारी खुमारी !!

जो तुमने चाहा,तुमको मिला
पहले प्यार फिर हो गए जुदा
चाहत हमारी रह गयी अधूरी
तमन्ना तुम्हारी बना गयी दूरी  !!

प्यार मेरा काफी न था
रोक सकी न मेरी अदा
खुद की भूल कहाँ देखी
हो गए फिर हम जुदा !!

पल पल तुमपर वार गई  पिया
दिल तुमपर मैं हार गई  पिया
फिर भी जाने क्या कमी रह गई
पास आकर भी दूर हो गई
तुम जीते मैं हार गई

तुम जीते मैं हार गई पिया 


तुम जीते मैं हार गई पिया 

..... वैशाली.... 
11/06/2015 
11.30.Am

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