9/23/2015

प्यार की सौगात

Baaton Baaton mein achanak se gaur kiya to chand panktiya bann aayi..
सारे शिकवे भुला दो जानम 
आओ फिर गले लग जाए 
पुरानी बातों को भूल कर 

अब हमआगे बढ़ जाए !
क्या कोई बात है मुझसे बड़ी? 
फिर क्यूँ बीच हमारे दीवार खड़ी? 
एक बार फिर प्यार से देखो मुझे 
दिल की तह में छुपा लो दो मुझे! 
फिर ये दीवार कहां टिक पायेगी 
तुम्हें ये दूरी फिर न रास आएगी ! 
दौड़े चले आओगे तुम 
फिर न लौट पाओगे तुम!
 
इंतजार कर रही हूँ उस पल का 
तेरी बाहों में गुजरे उस कल का ! 
लगाकर गले जो सुकून मिले 
तेरे चुंबन से फूल ही फूल खिले 
तेरी खुशबु से बहक न जाऊ मैं 
तेरे अंग से अंग लगाऊँ मैं !
हर रात बीते यूँ ही तेरे साथ 
कभी खत्म नहीं हो प्यार की सौगात !!
---------- वैशाली - - - ---
14/10 /2015 
14;12, Noon

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